
यमकेश्वर । प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिउली में वर्षभर से पेयजल किल्लत बनी हुई है। केंद्र परिसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन उपलब्ध हैं, लेकिन पानी की परेशानी होने से स्वास्थ्य कर्मचारी सरकारी आवासीय भवनों को छोड़ किराये के कमरों में रहने को मजबूर हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ ही मरीज और तीमारदारों को भी परेशानी होती है।
लक्ष्मणझूला डीएम कैंप कार्यालय से मात्र 20 किमी दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिउली है। केंद्र में आसपास के करीब 40 गांवों से मरीज पहुंचते हैं। केंद्र में ग्राम पंचायत की स्वपोषित लाइन से पेयजल सप्लाई होता था। करीब एक साल पहले ग्रामीणों ने केंद्र में जाने वाला पेयजल कनेक्शन बंद कर दिया। जबकि केंद्र से मात्र 100 मीटर दूर पेयजल टैंक बना हुआ है जो दिनभर ओवरफ्लो होकर बहता रहता है। यही नहीं गांव की ओर जाने वाले पेयजल की दो-दो लाइन भी

स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए पहुंचते हैं आसपास के 40 गांवों के मरीज, 15 से 20 ओपीडी रोज
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिउली संघ साल पहले ग्रामीणों ने बंद कर दिया था केंद्र में जाने वाला पेयजल कनेक्शन
केंद्र परिसर से होकर गुजर रही हैं। लेकिन केंद्र में पानी की किल्लत बनी हुई है। केंद्र
स्वास्थ्य केंद्र से मात्र 100 मीटर दूर बना हुआ है पेयजल टैंक, जो है ओवरफ्लो होकर बहता रहता है
में पानी न होने से अस्पताल स्टाफ बाहर किराये के कमरे पर रहने को मजबूर हैं।
पानी को दिक्कत से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी
अब इसकी सूचना दी जाएगी। -डॉ. अपूर्वा रावत, चिकित्सक पीएचसी दिउली
मामला संज्ञान में नहीं है, यदि अस्पताल में पानी नहीं आ रहा है तो इसकी जांच की जाएगी। साथ ही जल्द ही अस्पताल में पेयजल की परेशानी को दूर किया जाएगा चतर सिंह चौहान, एसडीएम यमकेश्वर अस्पताल में पानी जरूर आना चाहिए, यदि अस्पताल में वर्षभर से पानी नहीं आ रहा तो अस्पताल को पंचायत स्तर पर इसकी शिकायत करनी चाहिए। उर्मिला पयाल, ग्राम प्रधान दिउली

