14.6 C
Dehradun
Saturday, February 7, 2026
spot_img
spot_img

सीएम धामी ने शहीद आंदोलनकारियों को दी श्रद्धांजलि, राज्य आंदोलन की यादें फिर हुईं ताज़ा

Must read

मसूरी गोलीकांड की 31वीं बरसी पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मालरोड स्थित शहीद स्थल पर पहुंचकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 2 सितंबर 1994 की वह काली रात आज भी लोगों के दिलों में सिहरन पैदा कर देती है, जब शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोलियों की बौछार कर दी थी।

इस गोलीकांड में राय सिंह बंगारी, मदन मोहन ममगाईं, हंसा धनाई, बेलमती चौहान, बलबीर नेगी और धनपत सिंह सहित पुलिस के सीओ उमाकांत त्रिपाठी की भी जान चली गई थी। बलिदानी बलबीर नेगी के बेटे बिजेंद्र नेगी ने बताया कि उनके पिता को पुलिस ने सीने और पेट में गोली मारी थी।

वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी जय प्रकाश उत्तराखंडी और देवी प्रसाद गोदियाल ने भी उस दिन की घटनाओं को याद करते हुए बताया कि खटीमा गोलीकांड के विरोध में मसूरी बंद कर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने आंदोलनकारियों को रात में कार्यालय से उठा लिया और फिर बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तो अलग राज्य बन गया, लेकिन आंदोलनकारियों के सपनों का प्रदेश अब तक नहीं बन पाया है। गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग आज भी अधूरी है और पलायन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी समस्याएं ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। इस मौके पर यह भी अपील की गई कि अब समय आ गया है कि शहीदों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के विकास पर गंभीरता से विचार किया जाए।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article