हरेला पर्व पर सतपाल महाराज ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प – Khabar Uttarakhand

हरेला पर्व पर सतपाल महाराज ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प – Khabar Uttarakhand

लोक पर्व “हरेला” केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, कृतज्ञता और संरक्षण के संकल्प का प्रतीक है। ये पर्व हमें सिखाता है कि जैसे हम एक बीज को बोकर या फिर एक पौधे को रोपित कर उसकी देखभाल करके एक वृक्ष बनाते हैं, वैसे ही हमें अपने समाज और अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी सींचना है।

हरेला पर्व पर सतपाल महाराज ने किया पौधारोपण

उक्त बात प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और हरिद्वार जनपद के प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज ने गुरुवार को उत्तराखंड की संस्कृति व प्रकृति संरक्षण के प्रतीक लोकपर्व ‘हरेला-2026’ के अवसर पर वन विभाग, हरिद्वार द्वारा ‘नगर वन, देवपुरा’ में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कही।

‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान और उत्तराखंड की इस पावन लोक-परंपरा के माध्यम से राज्य को और अधिक हरित व समृद्ध बनाने के लिए हमें मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे। हमारी संस्कृति में प्रकृति को सदैव पूजनीय माना गया है। वृक्ष, नदियां, पर्वत और वन हमारे जीवन के आधार हैं।

यदि प्रकृति सुरक्षित रहेगी, तभी मानव जीवन सुरक्षित और समृद्ध रहेगा। जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण और घटते वन क्षेत्र आज पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। ऐसे समय में हरेला जैसे जन-जागरूकता अभियान हमें पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।

हरिद्वार पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र

जनपद के प्रभारी मंत्री महाराज ने भारतीय वृक्ष न्यास (Tree Trust of India) के इस विशेष अभियान में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हरिद्वार आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक स्वच्छ वातावरण, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करना चाहता है। ऐसे में हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपने पर्यावरण को स्वच्छ, सुरक्षित और हराभरा बनाए रखें।

सभी को दी हरेला पर्व की शुभकामनाएं

उन्होंने सभी को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण का भी संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पौधे को केवल एक पौधा न समझें, बल्कि इसे आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ भविष्य का आधार भी मानें। वृक्ष हमें जीवनदायिनी ऑक्सीजन, स्वच्छ जल, शुद्ध वातावरण और जैव विविधता का संरक्षण प्रदान करते हैं।

हर साल कम से कम एक पौधा जरूर लगाए

इसलिए पौधारोपण के साथ-साथ उनका संरक्षण और संवर्धन भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी का आह्वान करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप दें। प्रत्येक परिवार प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल का संकल्प भी ले। जब समाज और सरकार मिलकर कार्य करेंगे, तभी हम एक हरित, स्वच्छ और समृद्ध उत्तराखंड का निर्माण कर पाएंगे।

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