ईशा सिंह ने मनु भाकर को पछाड़ा, ISSF वर्ल्ड कप में जीता गोल्ड

 नई दिल्ली
चीन के हांगझू में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप खेला जा रहा है। भारतीय निशानेबाजों ने टूर्नामेंट में शानदार खेल दिखाया। ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर को ईशा सिंह ने पीछे छोड़कर गोल्ड अपने नाम कर लिया। भाकर ने ब्रॉन्ज मेडल जीता और इसी के साथ भारत ने डबल पोडियम हासिल किया। क्वालीफिकेशन राउंड में भी भारत के शूटर्स ने कमाल किया।

क्वालीफिकेशन राउंड में भारतीय निशानेबाजों ने अपनी ताकत दिखाई। मनु भाकर ने 586-20x के स्कोर के साथ टॉप पर जगह बनाई। ईशा सिंह सिर्फ एक पॉइंट पीछे 585-18x के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। राहि सरनोबत ने भी 582-16x का अच्छा स्कोर किया। फाइनल में पहुंचने वाली आठ निशानेबाजों में तीन भारतीय खिलाड़ी शामिल थीं।

ईशा सिंह ने फाइनल में दिखाया कमाल
फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। ईशा सिंह ने पूरे समय शांति बनाए रखी और 40 हिट्स के साथ स्वर्ण पदक जीत लिया। मनु भाकर को एक शूट-ऑफ जीतकर आगे बढ़ना पड़ा लेकिन अंत में वे 28 हिट्स के साथ ब्रॉन्ज मेडल पर संतोष करना पड़ा। ईशा ने पिछले कुछ समय से लगातार शानदार खेल दिखाया है और भारत के लिए मेडल जीता है।

गोल्ड मेडल जीतने के बाद ईशा सिंह का बयान
ईशा सिंह ने मैच के बाद बताया कि मुंबई में हाल ही में बनाए गए विश्व रिकॉर्ड के बाद इस बार दबाव ज्यादा था। उन्होंने कहा, “पिछले अच्छे प्रदर्शन के कारण इस मैच में काफी दबाव महसूस हुआ। जितना बेहतर प्रदर्शन करते हो, उतनी ज्यादा उम्मीदें बढ़ जाती हैं। मैं खुश हूं कि इस दबाव को झेलकर मैं स्वर्ण पदक जीत सकी।” उन्होंने हांगझू वेन्यू को भी खास बताया। 2023 एशियाई खेलों में यहीं चार पदक जीतने वाली ईशा को इस वेन्यू से अच्छी यादें हैं। परिचित रेंज, लाइटिंग और माहौल ने उन्हें फायदा पहुंचाया।

मनु भाकर ब्रॉन्ज जीतकर हुई खुश
मनु भाकर गोल्लेड नहीं जीत सकी लेकिन कांस्य पदक को काफी अहम माना। उनका मानना है कि वे इससे सीख लेकर आगे बढ़ेंगी और आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने कहा, “यह पदक बहुत महत्वपूर्ण है। यह मुझे बताता है कि क्या काम कर रहा है और आगे किस दिशा में काम करना है।”

 

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