30 अक्टूबर तक देहरादून की सभी सड़कें होगी चकाचक, जिला प्रशासन ने संभाला मोर्चा

देहरादून की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए जल्द ही अभियान की शुरुआत होने वाली है। सीएम धामी के निर्देश के बाद दून की सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था सुधारने को लेकर जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने और शहर में खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों को स्पष्ट समयसीमा के साथ जिम्मेदारी सौंप दी है।

15 सितंबर से शुरू होगा देहरादून में गड्ढामुक्त अभियान

मानसून की समाप्ति के साथ ही आगामी 15 सितंबर से जिलेभर में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाएगा। निर्माणदायी एजेंसियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया है और टेंडर प्रक्रिया जारी है। डीएम ने सख्त निर्देश जारी करते हुए सभी कार्यदायी संस्थाओं को 30 अक्टूबर से पहले जिले की सभी सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त और सुगम बनाने की समय-सीमा तय की है।

40 टीमें संभाल रहीं स्ट्रीट लाइट मरम्मत का जिम्मा

सड़कों के साथ शहर की प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम देहरादून ने भी अभियान तेज कर दिया है। नगर निगम क्षेत्र में कुल 1,14,171 स्ट्रीट लाइटें हैं। इनमें से 169 स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतों के तत्काल निस्तारण के लिए नगर निगम ने विभिन्न क्षेत्रों में 40 विशेष टीमें तैनात की हैं।

नगर निगम की टीमें आवंटित क्षेत्रों में मौके पर पहुंचकर खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के साथ ही आवश्यकता के अनुसार उन्हें बदलने का काम कर रही हैं। मंगलवार को टीमों ने मसूरी डायवर्जन, बड़ोवाला, सर्वे ऑफ इंडिया कैंपस, कमला पैलेस से शिमला बाईपास, हरिद्वार बाईपास, सहस्रधारा क्रॉसिंग से आईटी पार्क रोड, आईएसबीटी-निरंजनपुर, दर्शनलाल चौक, सुभाष रोड-रेसकोर्स और फव्वारा चौक-नेहरू कॉलोनी समेत विभिन्न क्षेत्रों में खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त किया।

अधिकारियों की टास्क फोर्स कर रही रात के समय निरीक्षण

व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखने और समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए डीएम ने बीते सोमवार को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्ट्रीट लाइट, गार्बेज प्वाइंट, मोटर मार्ग, फूड सेफ्टी और विद्युत चोरी की रोकथाम के लिए 20-20 जिला स्तरीय अधिकारियों की अलग-अलग टास्क फोर्स गठित की है।

टास्क फोर्स के अधिकारी रात में भी फील्ड विजिट कर फूड सेफ्टी, मोटर मार्ग, स्ट्रीट लाइटों की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं। मौके पर खराब व्यवस्था की गूगल लोकेशन और फोटो तत्काल संबंधित विभाग को भेजी जा रही है, ताकि समस्या को चिह्नित करने से लेकर उसके समाधान तक की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

दैनिक रिपोर्ट के आधार पर किया जा रहा समस्याओं का निस्तारण

टास्क फोर्स की दैनिक रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कराया जा रहा है। प्रशासन की इस दोहरी रणनीति-दिन में सड़कों की मरम्मत और रात में व्यवस्थाओं की निगरानी-से शहर की यातायात और प्रकाश व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की कवायद तेज हो गई है।

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