पर्दे पर अपने दमदार अभिनय के लिए जाने जाने वाले नाना पाटेकर अब इस दुनिया में नहीं रहे। 8 अक्टूबर की सुबह कार्डियक अरेस्ट की वजह से 75 साल की उम्र में गोवा में अपने घर पर उनका निधन हो गया। नाना पाटेकर वैसे तो महाराष्ट्र से है लेकिन उत्तराखंड से भी उनका एक अलग ही रिश्ता था।
जोशीमठ-नीती घाटी में बिताए 9 दिन
आपको बता दें कि नाना कई बार अपनी फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखंड आए है। वो चमोली के जोशीमठ क्षेत्र में मराठी फिल्म की शूटिंग के लिए पहुंचे थे। करीब नौ दिन उन्होंने नीती घाटी और जोशीमठ में बिताए। पहाड़ की खूबसूरती के साथ उन्हें यहां का शांत जीवन और वातावरण भी पसंद आया। स्थानीय लोगों से बातचीत कर उन्होंने उत्तराखंड मं जमीन लेकर घर बनाने की इच्छा जताई थी।
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उत्तराखंड का शांत माहौल पसंद करते थे नाना
स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाना को उत्तराखंड का शांत माहौल काफी पसंद आया था। यहीं वजह थी कि फिल्म की शूटिंग के बाद भी उनका यहां से जुड़ाव खत्म नहीं हुआ। वो यहां शूटिंग के लिए आए थे, लेकिन देवभूमि को दिल में बसा ले गए।
ऋषिकेश में गंगा आरती में भी हुए थे शामिल
नाना का जुड़ाव केवल चमोली तक सीमित नहीं था। 29 सितंबर 2022 को उन्होंने ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में गंगा आरती भी की थी। उस दौरान उन्होंने इसको लेकर अपना अनुभव भी साझा किया था।
दमदार अभिनय को हमेशा याद किया जाएगा
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी सिनेमा में करीब-करीब पांच दशकों तक राज किया। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए। ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘अग्निसाक्षी’, ‘प्रहार’, ‘खामोशी’, ‘वेलकम’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर उन्होंने लोगों के दिलों में छाप छोड़ी।
उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। साथ ही 2013 में पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया। उनके यू चले जाने से भारतीय सिनेमा ने सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेता नहीं खोया, बल्कि उस आवाज को खो दिया जो पर्दे पर आते ही किरदार को जीवंत कर देती थी।
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