उत्तराखंड की सियासत में ‘डेनिस’ शराब ब्रांड को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने बड़ा बयान दिया है। हरदा ने बेहद आम-फैम (बोलचाल की) भाषा में तंज कसते हुए कहा कि वे खुद ‘डेनिस’ को एक घोटाला मानते हैं, लेकिन भाजपा और मंत्री सुबोध उनियाल जबरन इसका दोष उनके सिर मढ़ना चाहते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि अगर हिम्मत है तो सरकार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) गठित कर इसकी निष्पक्ष जांच कराए।
अगर तब गलत थी, तो आज भाजपा राज में डेनिस सही कैसे?
पूर्व मुख्यमंत्री ने सीधे-सीधे सत्ता पक्ष की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “मैंने जो जानकारी जुटाई है, उसके मुताबिक ‘दून वैली डिस्टिलर्स’ और ‘हाईलैंड एंड बॉटलर्स’ को आज भी सरकार का पूरा संरक्षण हासिल है। वे धड़ल्ले से शराब बेच रहे हैं। आर्मी कैंटीनों में आज भी ‘डेनिस’ जमकर बिक रही है। तो सवाल यह है कि यदि मेरे समय की ‘डेनिस’ गलत थी, तो आज भाजपा सरकार के राज में वही डेनिस सही कैसे हो गई? क्या सिर्फ इसलिए कि आज सत्ता में भाजपा बैठी है?”
एक चूक जरूर हुई, पर नीयत साफ थी
अपनी सरकार के दौरान हुई गड़बड़ी को स्वीकारते हुए रावत ने बेहद बेबाकी से अपनी बात रखी। उन्होंने माना कि उस वक्त ‘विश्वास आधारित’ एक चूक जरूर हुई थी। उन्होंने कहा कि गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) और कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) जैसे सरकारी उपक्रमों को घाटे से उबारने और फायदे में लाने के लिए शराब बिक्री की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन वे किस तरह इस खेल की चपेट में आ गए, यह देखने में उनके सलाहकार चूक गए।
हरदा ने खुलासा किया कि उनकी सरकार का आदेश जनहित में बिल्कुल स्पष्ट था—जो डिस्टिलर्स शराब बनाने की प्रक्रिया में उत्तराखंड के local फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें दुकानों में 20% का रिजर्व मार्केटिंग राइट दिया जाएगा। लेकिन बीच के कुछ लोगों और GMVN की मिलीभगत से तीन-चार महीने तक दूसरे ब्रांड्स को ब्लॉक कर दिया गया और 20% के अधिकार को 70-80% में तब्दील कर दिया गया। हरदा ने कहा कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत पूरी प्रक्रिया बदल दी थी।
मुझे तो नाम भी नहीं पता था, ‘डेनिस’ को ‘डेनिम’ कहता था
भाजपा पर तंज कसते हुए हरीश रावत ने मुस्कुराते हुए कहा कि उस समय तो उन्हें ‘डेनिस’ नाम तक ठीक से मालूम नहीं था। वे अक्सर इसे कपड़ों के ब्रांड ‘डेनिम’ की तरह बोल दिया करते थे। लेकिन भाजपा के नेताओं ने बार-बार इसका नाम जप-जपकर अब उन्हें यह नाम रटा दिया है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह ‘मेरा डेनिस, तेरा डेनिस’ का खेल बंद होना चाहिए।
STF गठित करो, मैं खुद सामने आकर बयान दूंगा
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को सीधी चुनौती देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकार में पावर उनके पास है। अगर कोई गड़बड़ी हुई है और किसी ने सरकारी नीति का फायदा उठाकर शोषण किया है, तो सरकार हिम्मत दिखाए। रावत ने कहा, “सुबोध उनियाल चाहें तो इसकी STF (स्पेशल टास्क फोर्स) से जांच करा लें। मुझे कोई ऐतराज नहीं है। मैं खुद को उस जांच टीम के सामने पेश करने का ऑफर देता हूं।”
आज तो डेनिस संग हिलटॉप, काफल और माल्टा की भी बहार
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए रावत ने मौजूदा भाजपा सरकार पर तगड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब बार-बार ‘डेनिस-डेनिस’ चिल्लाना बंद करें। आज तो उनके चारों तरफ सिर्फ डेनिस ही नहीं है, बल्कि ‘हिलटॉप’, ‘काफल’, ‘माल्टा’ और ‘संतरा’ जैसे न जाने कितने ब्रांड्स की बहार है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि क्या पता अब तो पहाड़ी नींबू, गेंठी और दूसरे पहाड़ी फलों के नाम पर भी शराब बिक रही हो और सरकार कई ‘विभूतियों’ का पोषण करने में जुटी हुई हो।
Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News.








