दलेर मेहंदी विवाद में सियासत शुरू, गायक के समर्थन में उतरे बॉलीवुड के दिग्गज

उत्तराखंड के नरेंद्र नगर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ हुई घटना ने राजनीतिक और सांस्कृतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सार्वजनिक मंच पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा दलेर मेहंदी के साथ किए गए व्यवहार और उन पर लगाए गए आरोपों को लेकर अब बॉलीवुड और संगीत जगत से भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

अनुपम खेर और मीका सिंह ने जताया कड़ा ऐतराज

इस घटना की गूंज अब फिल्म और संगीत उद्योग तक पहुंच चुकी है। देश की विभिन्न प्रमुख हस्तियों ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने दलेर मेहंदी का समर्थन करते हुए कहा कि दलेर मेहंदी एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकार हैं, जिन्होंने भारतीय संगीत को विश्व पटल पर पहचान दिलाई है। किसी भी मंच पर एक स्थापित कलाकार के प्रति ऐसा अमर्यादित व्यवहार शोभनीय नहीं है।  

वहीं, दलेर मेहंदी के भाई और मशहूर गायक मीका सिंह ने भावुक और कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उनके भाई एक अनुशासित और पेशेवर कलाकार हैं। उन्होंने कहा कि बिना किसी तथ्य के इस तरह के आरोप लगाना और सार्वजनिक मंच से अपमानित करना किसी भी कलाकार की गरिमा पर हमला है। मीका सिंह ने उत्तराखंड के लोगों के प्यार की सराहना करते हुए कहा कि जनता सब समझती है और इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है।

‘अतिथि देवो भव:’ की संस्कृति पर आघातः कांग्रेस

उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और एआईसीसी सोशल मीडिया विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक अमरजीत सिंह ने इस प्रकरण पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने जारी बयान में कहा “मां कुंजापुरी मेले में अपनी प्रस्तुति देने पहुंचे प्रख्यात पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के साथ मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा सार्वजनिक मंच पर किया गया व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और उत्तराखंड की गौरवशाली अतिथि-सत्कार की परंपरा के विपरीत है। ‘अतिथि देवो भव:’ की संस्कृति वाले प्रदेश में किसी आमंत्रित कलाकार को हजारों दर्शकों के सामने अपमानित करना पूरे उत्तराखंड की छवि पर गंभीर सवाल खड़े करता है।”

कांग्रेस नेता अमरजीत सिंह ने कहा कि सुबोध उनियाल द्वारा अपनी ही विधानसभा क्षेत्र के कार्यक्रम में बिना किसी ठोस पुष्टि के दलेर मेहंदी पर नशे में होने का आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित है। दलेर मेहंदी ने हाल ही में एक सर्जरी कराई थी, इसके बावजूद वह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम को निभाने उत्तराखंड पहुंचे थे। उनके परिजनों और करीबियों ने भी स्पष्ट किया है कि वह नशे से कोसों दूर रहते हैं। यदि मंत्री को प्रस्तुति से कोई शिकायत थी, तो आयोजकों के माध्यम से इसकी जांच कराई जा सकती थी, न कि सार्वजनिक रूप से किसी कलाकार का अनादर किया जाए।

भाजपा की चुप्पी पर सवाल और राजनीतिक चेतावनी

इस पूरे विवाद में दलेर मेहंदी द्वारा संयम और शालीनता बनाए रखने की सराहना की जा रही है, वहीं प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा नेताओं और सिख-पंजाबी समाज से जुड़े भाजपा पदाधिकारियों की चुप्पी पर चिंता जताई है। अमरजीत सिंह ने कहा कि मंत्री सुबोध उनियाल का यह पहला विवादित बयान या व्यवहार नहीं है। महिलाओं, पूर्व सैनिकों और राजनीतिक विरोधियों के प्रति उनके बड़बोलेपन और अमर्यादित बयानों की सूची लंबी रही है।

अमरजीत सिंह ने चेतावनी दी कि जनता इस प्रकार के आचरण का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पंजाब में भी भाजपा को इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। कांग्रेस ने पुरजोर मांग की है कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भविष्य में अपने पद की गरिमा के अनुरूप आचरण करें।

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