उत्तराखंड के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और पर्यावरण मित्रों के लिए जल्द ही एक बड़ी खुशखबरी आने वाली है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन सभी कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया है। इस संबंध में जल्द ही एक उच्च स्तरीय बैठक भी बुलाई जाएगी, जिसमें मानदेय बढ़ोतरी को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव में शामिल हुए सीएम
सोमवार को राजधानी देहरादून के नगर निगम परिसर में महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के मौके पर एक भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान ही मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे पर्यावरण मित्रों और सफाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बहुत जल्द इस पर बैठक करेगी।
महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को किया याद
इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने महर्षि वाल्मीकि को नमन करते हुए उनके जीवन और महाकाव्य रामायण के संदेशों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने अपनी रचना रामायण के जरिए पूरी दुनिया को भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों से परिचित कराया। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि किसी भी व्यक्ति की असली पहचान उसकी जाति या समाज में उसकी स्थिति से नहीं होती, बल्कि उसके अच्छे विचारों, कर्मों और समाज के प्रति उसके योगदान से तय होती है। उन्होंने कहा कि रामायण हमें सत्य, धर्म, त्याग, प्रेम और समानता का मार्ग दिखाती है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में हो रहा है देश का विकास
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में आज पूरा देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण और उसका नामकरण इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। इसके साथ ही सरकार समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है।
सरकार चला रही है कई कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के लिए कक्षा 1 से 12 तक छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अलावा पढ़ाई के लिए मुफ्त हॉस्टल, आवासीय स्कूल और आईटीआई संचालित किए जा रहे हैं ताकि युवाओं को आगे बढ़ने के पूरे मौके मिल सकें।
गरीब परिवारों के लिए ‘अटल आवास योजना’ के तहत घर बनाने के वास्ते एक लाख बीस हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। साथ ही, सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए अंतरजातीय विवाह करने वाले युवाओं और जरूरतमंद बेटियों की शादी के लिए भी सरकार पचास हजार रुपये की सहायता राशि दे रही है।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि महर्षि वाल्मीकि के विचारों और आदर्शों पर चलकर ही हम एक ‘विकसित उत्तराखंड’ के सपने को सच कर सकते हैं। शोभा यात्रा कार्यक्रम में देहरादून के मेयर सौरभ थपिलियाल, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना, महानगर भाजपा अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल और नगर आयुक्त आलोक पांडे समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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