गुलदार के हमले में मासूम की मौत से भड़के ग्रामीण, तहसीलदार-SDO को किया दुकान में बंद

देवप्रयाग-पौड़ी मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के पास गुलदार के हमले में मासूम बच्ची की मौत के बाद क्षेत्र में ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है. मंगलवार शाम विधायक का घेराव करने के बाद बुधवार को ग्रामीणों से मिलने पहुंचे पौड़ी तहसीलदार और वन विभाग एसडीओ को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया. ग्रामीणों ने दोनों अधिकारी को एक दुकान में बंद कर अपना गुस्सा जाहिर किया. जबकि डीएफओ के साथ धक्का मुक्की की.

गुलदार के हमले में मासूम की मौत से भड़के ग्रामीण

बता दें 3 नवंबर मंगलवार शाम करीब 6 बजे पौड़ी के खांड्यूसैंण में गुलदार ने मासूम आरुषि को निवाला बना दिया. घटना से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया. इस दौरान पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी शाम 7:30 बजे पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तो ग्रामीणों ने विधायक को ही घेर लिया. ग्रामीण, विधायक की गाड़ी के ऊपर चढ़ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे.

स्थानीय विधायक का भी किया था घेराव

पुलिस के जवान ग्रामीणों से समझाते रहे, लेकिन ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी रहा. इस दौरान काफी देर तक विधायक अपनी कार के अंदर ही रहे. इसके बाद रात करीब 10:15 बजे विधायक कार से बाहर आए और ग्रामीणों से वार्ता कर सुरक्षा का आश्वासन दिया. विधायक के समझाने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ, जिसके बाद विधायक का काफीले के मौके से रवाना हुआ.

धरने पर बैठे ग्रामीण, तहसीलदार-SDO को किया दुकान में बंद

वहीं, अगले दिन बुधवार को सुबह 8 बजे ग्रामीण पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग पर धरने पर बैठ गए और सड़क जाम कर दी. सुबह 9 बजे तक मार्ग पूरी तरह बंद रहा. ग्रामीणों को समझाने पहुंचे तहसीलदार पौड़ी राजेंद्र गोस्वामी और वन विभाग के एसडीओ आयशा बिष्ट को भी ग्रामीणों का आक्रोश झेलना पड़ा. ग्रामीणों का धीरे-धीरे आक्रोश बढ़ा और सुबह करीब 11:30 बजे ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों को एक दुकान में बंद कर दिया.

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ समय से क्षेत्र में वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग और शासन-प्रशासन की ओर से कोई ऐसी ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को इस भय से निजात मिल सके. ग्रामीणों ने कहा कि, अब स्थिति ऐसी हो गई है कि लोग अपने घरों के आंगन और आसपास के रास्तों पर भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. छोटे बच्चों को घर से बाहर भेजने में अभिभावक डर रहे हैं.

DFO के साथ धक्का-मुक्की

वहीं, तहसीलदार और एसडीओ को बंदी बनाए जाने की जानकारी मिलने पर वन विभाग डीएफओ महातिम यादव मौके पर पहुंचे, जहां डीएफओ के साथ ही ग्रामीणों की धक्का मुक्की हुई. हालांकि, डीएफओ के आश्वासन के बाद आधे घंटे तक बंदी बने तहसीलदार और एसडीओ को ग्रामीणों ने मुक्त किया. वहीं अब डीएफओ और ग्रामीणों के बीच वार्ता जारी है. हालांकि, सुबह 8 बजे से ग्रामीणों ने मोटरमार्ग जाम किया हुआ है.

क्षेत्र में गश्त कर रही वन विभाग की टीम: DFO

डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने कहा मंगलवार रात को हुई घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी. आज एक टीम लगातार गश्त कर रही है. साथ ही ट्रैप कैमरे और पिंजरा भी लगाया गया है. एक शूटर की टीम मौके पर है, जो गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने और अंतिम विकल्प के रूप में नष्ट करने के आदेश प्राप्त हो गए हैं.

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