
सोशल मीडिया पर एक बुजुर्ग व्यक्ति की फोटो वायरल हो रही है। बता दें कि ये 3 युद्ध जीतने वाले देश के वीर सीपाही हैं। लेकिन आज इस सिपाही की आंखों में आपको लाचारी के आंसू नजर आ रहे होंगे। जिस देश के लिए इस बहादुर जवान ने अपनी जवानी कुर्बान कर दी, आज उसी देश का सिस्टम उनका घर नहीं बचा पा रहा है। आज हम इस आर्टिकल में इसी फौजी की बेबसी की कहानी बताने वाले हैं। जो अपने घर को बचाने के लिए दर दर की ठोकरें खा रहा है। ये खबर आपको भी अंदर तक झकझोर देगी।
भारतीय सेना के पूर्व सैनिक प्रेम राम
तनी हुई छाती, सीने पर गर्व से चमकते हुए सेना के मेडल और चेहरे पर बरसों के तजुर्बे की झुर्रियों के साथ ये रुआंसी आवाज लिए ये व्यक्ति कोई साधारण बुजुर्ग नहीं हैं। बल्कि ये भारतीय सेना के पूर्व सैनिक प्रेम राम हैं। वो जाबांज सैनिक, जिन्होंने 1965 का युद्ध लड़ा, 1967 की जंग में हिस्सा लिया और 1971 के ऐतिहासिक भारत-पाकिस्तान युद्ध में देश का परचम लहराया।
बुढ़ापे में घर को बचाने के लिए लड़ रहे लड़ाई
लेकिन आज अपने बुढ़ापे में, ये फौजी अपने ही घर को बचाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। प्रेम राम अपने परिवार के साथ जब जनता दरबार में जिलाधिकारी के सामने पहुंचे। तो उनका दर्द छलक पड़ा।
दरअसल प्रेम राम बागेश्वर के कांडा के ढूंगा पंत बांसतोली गांव के रहने वाले हैं। उनके घर के ठीक ऊपर खड़िया की खदान है। इस खदान के चलते उस इलाके में पानी भर रहा है। जिसके चलते जमीन अंदर ही अंदर खोखली हो रही ही है और खिसक रही है। प्रेम राम के घर की दीवारों पर भी बड़ी बड़ी दरारें पड़ गई हैं।
खड़िया की खदान के चलते धंस रही जमीन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ दिन पहले प्रेम राम के बेटे ललित मोहन और सेकेंद्र प्रसाद के मकान भी इसी जमीन धंसने के चलते बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। उनका घर भी रहने लायक नहीं बचा हैं। दीवारों में इतनी बड़ी दरारें आ चुकी हैं कि कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जिसके चलते ये फौजी अपनी पत्नी के साथ बेघर होकर अपनी बेटी सरस्वती देवी के घर में शरण लेने को मजबूर है।
पूर्व सैनिक ने प्रशासन पर लगाए आरोप
पूर्व सैनिक प्रेम राम का आरोप है कि उन्होंने इसे लेकर एक बार नहीं, बल्कि कई बार शासन और प्रशासन का दरवाजा खटखटाया। दर-दर जाकर शिकायत दर्ज कराई, अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटे लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी।
आत्महत्या करने की दी चेतावनी
अब जब पानी सिर से ऊपर गुजर गया तो इस फौजी के सब्र का बांध भी टूट गया। जनता दरबार में जिलाधिकारी के सामने खड़े होकर पूर्व सैनिक प्रेम राम ने प्रशासन को अल्टीमेटम दे दिया है। अगर उनके घर को बचाने के लिए फौरन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। तो वो इसी जिलाधिकारी कार्यालय के अंदर आत्महत्या कर लेंगे।








