नौकरी-लोन के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते, साइबर गैंग के 2 सदस्य गिरफ्तार – Khabar Uttarakhand

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उत्तराखंड STF का बड़ा एक्शन देखने को मिला। टीम ने अंतरराज्यीय साइबर गैंग के 2 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि वो नौकरी और लोन के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। जिनका इस्तेमाल OLX फ्रॉड समेत साइबर अपराधों में किया जाता था।

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई

दरअसल उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। इसी बीच STF की Financial Fraud Unit, द्वारा I4C के NCRP पोर्टल पर प्राप्त साइबर शिकायतों का गहन विश्लेषण करते हुए संदिग्ध बैंक खातों की सतत निगरानी की जा रही थी।

अन्तर्राज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा

तकनीकी विश्लेषण के दौरान इंडसइंड बैंक के एक संदिग्ध बैंक खाते का परीक्षण किया गया। जिसका उपयोग विभिन्न साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में किया जाना प्रकाश में आया। बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, लाभार्थी खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से एक सक्रिय अन्तर्राज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा हुआ।

दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

प्राप्त सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर STF टीम ने आशारोड़ी चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर राजस्थान नम्बर की स्कॉर्पियो वाहन को रोककर उसमें सवार दो आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निजी कम्पनियों में नौकरी और आसान लोन उपलब्ध कराने के नाम पर आकर्षक विज्ञापन Facebook एवं Instagram पर प्रसारित करते थे।

लोगों से उत्तराखंड नौकरी-लोन के नाम पर खुलवाते थे बैंक खाते

इच्छुक व्यक्तियों से WhatsApp के जरिए सम्पर्क कर उनके नाम से ऑनलाइन IndusInd Bank के खाते खुलवाए जाते थे। जबकि उन खातों का मोबाइल नम्बर, इंटरनेट बैंकिंग और सम्पूर्ण नियंत्रण स्वयं अभियुक्त अपने पास रखते थे। बैंक किट और ATM कार्ड डाक के माध्यम से प्राप्त कर इन्हीं खातों का उपयोग OLX पर फर्जी तरीके से वाहन और अन्य सामान खरीदने-बेचने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करते थे।

इन्हीं पैसे से करते थे अन्य साइबर अपराध

इसी से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था। उक्त अभियुक्तों के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून पर भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर गिरफ्तार किया गया है। साथ ही आगे की कार्रवाई भी की जा रही है।

OLX प्लेटफॉर्म पर फर्जी सौदों से करते थे धोखाधड़ी

अभियुक्तगणों से पूछताछ के दौरान ये भी प्रकाश में आया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य भी OLX प्लेटफॉर्म पर फर्जी सौदों के माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी करता था। जबकि गिरफ्तार अभियुक्त बैंक खाते उपलब्ध कराने और धोखाधड़ी की धनराशि की निकासी का कार्य करते थे।

अभियुक्त राहुल मोहम्मद ने साल 2024 में राजस्थान राज्य में साइबर धोखाधड़ी के एक प्रकरण में जेल जाना प्रकाश में आया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। बरामद बैंक खातों, मोबाइल फोन एवं अन्य डिजिटल उपकरणों का फॉरेंसिक एवं तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है, जिससे गिरोह से जुड़े अन्य साइबर अपराधों का भी खुलासा होने की सम्भावना है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल मोहम्मद निवासी जिला डींग, राजस्थान और शिवांश उपाध्याय निवासी गोरखपुर, हाल निवासी लखनऊ के रूप में हुई है।

    आरोपी के पास से बरामदगी

    • 4 मोबाइल फोन (Samsung, iPhone, Lava एवं Redmi)
    • 5 इंडसइंड बैंक किट (ATM कार्ड एवं चेकबुक सहित)
    • 1 आधार कार्ड
    • ₹15,000/- नकद
    • साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न डिजिटल एवं दस्तावेजी साक्ष्य