राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तरी महानगर के विजयादशमी संघ स्थापना वर्ष के अवसर पर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख पदम जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से सभी को भाव विभोर कर दिया

Uttarakhand

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ उत्तरी महानगर के विजयादशमी संघ स्थापना वर्ष के अवसर पर क्षेत्र प्रचारक प्रमुख पदम जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से सभी को भाव विभोर कर दिया उन्होंने कहा कि प्रामाणिकता से निस्वार्थ भावना से देश धर्म संस्कृति व समाज के लिए कार्य करता है स्वयंसेवक
गत वर्षों में देश की सज्जन शक्ति ,युवा ,मात्रशक्ति ,वज्ञानिक ,खिलाड़ियों किसान उद्यमियों ने देश भक्ति की प्रेरणा से अपने पुरुषार्थ से भारत की छवि ,कीर्ति ,शक्ति व यश बढ़ाया है
आज भारत के जीवन मूल्यों ,सांस्कृतिक मूल्यों व धार्मिक मूल्यों का पूरा विश्व सम्मान करता है
भारत वर्ष की परंपरा से प्राप्त सम्पूर्ण समग्र व एकात्म दृष्टि के आधार पर भारत विकास पथ पर आगे बड़ा है
शील संपन्न व्यवहार के साथ शक्ति साधना भी महत्वपूर्ण है
जल व पर्यावरण बचाना हमारी ज़िम्मेदारी है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ उत्तरी महानगर देहरादून के स्वयं सेवकों द्वारा पूर्ण गणवेश में परेड ग्राउंड के मैदान में विजयदशमी संघ स्थापना वर्ष के उपलक्ष में विभिन्न शारीरिक प्रदर्शन कर अपनी संगठन की शक्ति का परिचय दिया है योग ,दंड,नियुध ,यष्ठी प्रदर्शन के पश्चात क्षेत्र प्रचार प्रमुख पदम जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग धर्म शक्ति उपासना का है धर्म जीवन जीना सिखाता है
भारत प्रारंभ से ही नवधा शक्ति का स्वरूप शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की आराधना भक्ति व धर्म पर आधारित क्रिया विधियों से करता रहा है माँ दुर्गा समस्त शक्ति का संगठित शक्ति का स्वरूप है
बलहीनों को कोई नहीं पूछता बलवानो को विश्व पूजता
विजयदशमी का पर्व केवल भगवान राम का रावण पर विजय का घोतक नहीं है बल्कि विजय दशमी का पर्व संपूर्ण समाज को एकत्रित कर दुष्टों व बुराइयों पर विजय प्राप्त करने का है
त्याग व समर्पण का भाव व्यक्त करता अपना यह विजयदशमी का पर्व है भगवानराम ने 14 वर्ष सम्पूर्ण भारतवर्ष का अध्ययन कर वंचित समाज को अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए तैयार किया संघ 99 वर्ष पूर्ण कर 100 वर्ष में प्रवेश कर रहा है जब देश में 1925 से संघ की स्थापना हुई तब से आज तक संघ की जीवन यात्रा अनवरत चल रही है अनेको प्रतिबंधों के बावजूद हम डटे रहे और अपने ध्येय मार्ग पर आगे बढ़ते चलते रहे
संघ कार्य में मेरा कृतित्व व व्यक्तित्व का प्रभाव विस्तार में लगे संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए लिए अगर शास्त्र कमज़ोर हो रहे हों तो शस्त्र का उपयोग करना उचित है
आज समाज नशे की गिरफ्त में फँसता जा रहा है समाज के जागरूक नागरिक होने के नाते हमें स्वयं जागरूक होकर कार्य करना चाहिए और अपने आस पड़ोस में नशे की प्रवृत्ति और ख़रीद फ़रोख़्त को रोकने का प्रयास करना चाहिए
स्वयंसेवक प्रतिदिन शाखा में प्रार्थना करता है और संकल्प दोहराता है कि मैं अजन्म अपने पवित्र हिंदू धर्म हिन्दू संस्कृति व हिंदू समाज की सर्वांगीण उन्नति ,कल्याण और शांति के लिए प्रयासरत रहूँगा
हमने राम को राष्ट्र माना है
आज भारत दुनिया की अपेक्षाऔर विश्वाश है
कार्यक्रम में शास्त्र पूजन कार्यक्रम के मुख्य वक्ता पदम् जी व चंद्रगुप्त जी द्वारा किया गया
कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रांत प्रचार प्रमुख संजय जी,नीरज मित्तल , सुरेन्द्र मित्तल ,अरुण शर्मा ,भारत ,प्रेम चमोला,बलदेव पाराशर आदि उपस्थित रहे

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