गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में आज यानी दो सिंतबर बुधवार को सचिवालय स्थित देवेंद्र शास्त्री भवन में आगामी पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में सहकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
उत्तराखंड में गन्ना पेराई सत्र 2026-27 के लिए चीनी मिलों को तैयार करने के निर्देश
गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग मंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किच्छा, बाजपुर, नादेही, डोईवाला, लक्सर, लिब्बरहेड़ी और जेजीएन शुगर्स की आगामी पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।
- सभी चीनी मिलों के आगामी पेराई सत्र 2026-27 शुभारम्भ के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक मरम्मत व रख-रखाव और समस्त ट्रायल के कार्य अवश्य पूर्ण करते हुए समयान्तर्गत मिल संचालन के लिए तैयार किया जाना सुनिश्चित किया जाय।
- चीनी मिलों को आगामी पेराई सत्र 2026-27 में दिए गए लक्ष्यों एवं मिल क्षमता के अनुरूप गन्ने की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने हेतु कार्य-योजना तैयार कर ली जाय।
- चीनी मिलों का मरम्मत एवं अनुरक्षण कार्य इस प्रकार किया जाय कि आगामी पेराई सत्र 2026-27 के दौरान तकनीकी/नो-केन बन्दियों का सामना न करना पड़े।
- पेराई सत्र 2026-27 में कम से कम 65 प्रतिशत गन्ना मूल्य भुगतान चीनी मिलों द्वारा अपने संसाधनों से किया जाय, जिससे राज्य सरकार पर गन्ना मूल्य भुगतान की निर्भरता में कमी लायी जा सके।
- चीनी मिलों में कृपकों के रहने, शौचालय, पेयजल एवं पंचर बनाने वाले आदि हेतु पूर्व में की गयी व्यवस्था अनिवार्य रूप से चीनी मिलों द्वारा समीक्षा कर ली जाय।
- कृपकों की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए गोष्ठियां आयोजित की जाय।
- गन्ने की पैदावार में वृद्दि किये जाने हेतु मिल एवं गन्ना विभाग के अधिकारियों समन्वय स्थापित कर कृपकों को उच्च शर्करायुक्त बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाय एवं अन्य खाद, दवाईयों का वितरण किया जाय।
- उच्च शर्करायुक्त बीज की उपलब्धता हेतु करनाल से शीघ्र अनुबन्ध हस्ताक्षरित किया जाना सुनिश्चित किया जाय।
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