छठ पर्व पर उत्तराखंड में भी मिले सार्वजनिक अवकाश, बिहारी महासभा ने उठाई मांग

बिहारी महासभा ने उत्तराखंड सरकार से छठ पूजा के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया है। छठ पूजा बिहार और पूर्वांचल क्षेत्र के उन लाखों लोगों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है, जो उत्तराखंड में रहते हैं। महासभा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया है कि वे छठ के मौके पर राज्य में सार्वजनिक अवकाश की घोषणा करें।

बिहारी महासभा ने सीएम धामी से की छठ पर सार्वजनिक अवकाश की मांग

बिहारी महासभा के अध्यक्ष ललन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज मुख्यमंत्री कार्यालय को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि छठ केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि उत्तर भारत की सांस्कृतिक पहचान है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और अब हरियाणा जैसे राज्यों में इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश दिया जाता है।

ललन सिंह ने कहा, “देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर और काशीपुर सहित पूरे उत्तराखंड में लगभग 15 लाख से अधिक बिहार और पूर्वांचल के लोग निवास करते हैं। छठ के दौरान उन्हें अपने घरों में पूजा-पाठ के लिए समय चाहिए होता है। कई लोग सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत हैं, जिन्हें छुट्टी न मिलने से पूजा में बाधा आती है।”

महासभा ने सीएम धामी को सौंपा ज्ञापन

महासभा ने अपने पत्र में कहा है कि छठ पर्व प्रकृति, सूर्य और लोक आस्था से जुड़ा विश्व का एकमात्र ऐसा पर्व है, जिसे यूनेस्को तक ने सराहा है। उत्तराखंड देवभूमि है और यहां सभी संस्कृतियों का सम्मान होता है। ऐसे में छठ पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करना प्रवासी समाज के सम्मान का प्रतीक होगा। महासभा ने कहा कि देहरादून में हर साल प्रेम नगर टपकेश्वर चंद्रवणी और मालदेवता और अन्य घाटों पर हजारों श्रद्धालु छठ मनाते हैं। यदि अवकाश घोषित होता है तो प्रशासन को व्यवस्था बनाने में भी आसानी होगी और पर्व अधिक भव्यता से मनाया जा सकेगा।

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