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Thursday, March 26, 2026
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धूमधाम से मनाया गया शक्ति, विजय और शांति की देवी ‘माँ बगुलामुखी’ का स्थापना दिवस; आचार्य राकेश नौटियाल ने कहा- माँ की आराधना भक्तों को करती है मजबूती प्रदान

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  • “पीताम्बरा शक्तिपीठ” माजरी मॉफी, मोहकमपुर में किया गया विशाल भण्डारे का आयोजन

देहरादून: देहरादून के मजारी माफी, मोहकमपुर स्थित पीताम्बरा शक्तिपीठ में “माँ बगुलामुखी” का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में विशाल भण्डारे का आयोजन किया गया। इस पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और माँ का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन की शुरुआत प्रातःकाल विशेष पूजा-अर्चना और हवन से हुई, जिसमें भक्तों ने अपनी श्रद्धा के साथ हिस्सा लिया। मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से भव्य तरीके से सजाया गया था, जो हर किसी का ध्यान आकर्षित कर रहा था। श्रद्धालुओं के लिए भण्डारे में स्वादिष्ट भोजन की व्यवस्था की गई थी। भण्डारे का संचालन स्थानीय समाजसेवकों और मंदिर समिति के सदस्यों द्वारा किया गया।

आचार्य प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश नौटियाल जी ने बताया कि “माँ बगुलामुखी” के आशीर्वाद से हर साल स्थापना दिवस के अवसर पर यह आयोजन भक्ति और समर्पण के साथ किया जाता है। उन्होंने कहा आयोजन में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित सभी आयु वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर शामिल हुए।

आचार्य प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश नौटियाल जी ने बताया कि यह आयोजन न केवल श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बना बल्कि सामुदायिक सौहार्द का संदेश भी दिया। माँ बगुलामुखी के स्थापना दिवस पर हुआ यह विशाल भण्डारा न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक बन गया।

आचार्य प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य राकेश नौटियाल जी ने बताया कि माँ बगुलामुखी, दस महाविद्याओं में आठवीं स्थान पर विराजमान, शक्ति और विजय की अधिष्ठात्री देवी हैं। इन्हें “पीताम्बरा देवी” के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इनका प्रमुख रंग पीला है, जो ऊर्जा, समृद्धि और विजय का प्रतीक है। देवी का स्वरूप अत्यंत आकर्षक और तेजस्वी है। पीले वस्त्र धारण किए, माँ अपने भक्तों को दुष्ट शक्तियों से बचाने और उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करने का आशीर्वाद देती हैं।

माँ बगुलामुखी की उपासना तंत्र साधना में विशेष महत्व रखती है। ऐसा माना जाता है कि उनकी पूजा से शत्रुओं का नाश होता है और वाणी, बुद्धि तथा विजय की प्राप्ति होती है। विशेष रूप से, जीवन में आने वाली बाधाओं, विवादों और अदालती मामलों में उनकी आराधना अद्भुत परिणाम देती है।

माँ की पूजा में पीले फूल, हल्दी, और विशेष मंत्रों का प्रयोग होता है। भक्तों का विश्वास है कि माँ बगुलामुखी अपने आशीर्वाद से न केवल शत्रु पर विजय दिलाती हैं, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी प्रदान करती हैं। माँ का प्रमुख मंदिर दतिया (मध्य प्रदेश) स्थित पीताम्बरा पीठ है, जो देशभर में विख्यात है। माँ बगुलामुखी की आराधना शक्ति, विजय और शांति का प्रतीक है, जो भक्तों को हर परिस्थिति में मजबूती प्रदान करती है।

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