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Wednesday, March 25, 2026
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डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल तुंगनाथी” के नाम पर होगा कार्तिक स्वामी मन्दिर पैदल ट्रैक: महाराज

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  • तुंगनाथी” के नाम पर होगा कार्तिक स्वामी मन्दिर पैदल ट्रैक: महाराज
  • हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल की जयंती पर स्व० डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल का भी किया स्मरण

देहरादून। हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल शोध संस्थान सोसाइटी जैसे विशाल वट वृक्ष को खड़ा करने में स्व० डॉ योगम्बर सिंह बर्तवाल “तुंगनाथी” के योगदान को देखते को जनपद चमोली के अन्तर्गत विकास खण्ड पोखरी में पर्यटन विभाग के ट्रैकिंग ट्रेक्शन सेन्टर तथा कनकचौरी (चमोली) से कार्तिक स्वामी मन्दिर (रूद्रप्रयाग) तक पैदल ट्रैक मार्ग (2.5 कि0मी0) का नामकरण प्रसिद्ध साहित्यकार स्व० डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल “तुंगनाथी” के नाम पर रखा जायेगा।

उक्त बात प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्वाल की जंयती पर शनिवार को रिस्पना बाईपास स्थित संस्कृति विभाग के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में कही। उन्होंने कार्यक्रम के लिए साहित्य कला एवं संस्कृति के लिए समर्पित “हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बतर्वाल शोध संस्थान सोसाइटी” के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि जनपद रूद्रप्रयाग, अगस्त्यमुनि के मालकोटी गांव में जन्में हिमवंत कवि के नाम से प्रसिद्ध वरिष्ठ साहित्यकार चन्द्र कुंवर बतर्वाल ने 13 वर्ष की आयु से लेकर 28 वर्ष की आयु तक 750 से अधिक कविताओं, 25 से अधिक कहानियां और कई व्यंग्य लेख लिखे। अपने जीवन के अल्प कालखण्ड में साहित्य जगत में दिया गया उनका योगदान अकल्पनीय है।

कैबिनेट मंत्री महाराज ने  कहा कि यदि चन्द्र कुंवर बतर्वाल के उपलब्ध साहित्य का सही ढंग से मूल्याकंन किया जाय तो वह उस स्थान को हासिल कर सकते है जिसके सही मायने में हकदार थे। उन्होंने कहा कि बहुत से साहित्यकारों ने चन्द्र कुंवर बर्वाल के साहित्य को संजोने का भगीरथ प्रयास किया है। ऐसे ही हमारे बीच के वरिष्ठ साहित्यकार स्व० डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल “तुगनाथी” भी रहे हैं जिन्होंने चन्द्र कुंवर बर्तवाल के साहित्य को समेटने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

श्री महाराज ने कहा कि हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल शोध संस्थान सोसाइटी” जिसके बैनर तले हम आज चन्द्र कुंवर बर्तवाल की जंयती पर यहां एकत्रित हुए हैं इस संस्थान की स्थापना भी साहित्यकार स्व० डॉ योगम्बर सिंह बतर्वाल “तुंगनाथी” ने ही की है। उन्होंने कहा कि स्व० श्री तुंगनाथी द्वारा संकलित चन्द्र कुंवर बतर्वाल की कई अप्रकाशित कृतियों पर आधारित पुस्तक का इस अवसर पर विमोचन किया जाना अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। निश्चित रूप से इस पुस्तक से हमें हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल के साहित्य की और अधिक जानकारी प्राप्त हो सकेगी। “हिमवंत कवि चन्द्र कुंवर बर्तवाल शोध संस्थान सोसाइटी” जैसे विशाल वट वृक्ष को खड़ा करने में स्व० डॉ योगम्बर सिंह बर्तवाल “तुंगनाथी” के अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए पर्यटन विभाग को जनपद चमोली के अन्तर्गत विकास खण्ड पोखरी में पर्यटन विभाग के ट्रैकिंग ट्रेक्शन सेन्टर तथा कनकचौरी (चमोली) से कार्तिक स्वामी मन्दिर (रूद्रप्रयाग) तक पैदल ट्रैक मार्ग (2.5 कि0मी0) का नामकरण प्रसिद्ध साहित्यकार स्व० डॉ योगम्बर सिंह बर्तवाल “तुंगनाथी” के नाम पर रखने के भी निर्देश पर्यटन विभाग को दे दिये गये हैं।

कार्यक्रम में पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवान, पूर्व आईएएस चंद्र सिंह, विजयलक्ष्मी गोंसाई, कुंवर भवानी सिंह, कुलवंती बर्तवाल, शोध संस्थान के सचिन गौरव सिंह बर्तवाल, धीरेंद्र सिंह बर्तवाल, कर्नल डीएस बर्तवाल, शक्ति बर्तवाल और नरेंद्र सिंह रौथाण आदि मौजूद थे।

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