180KM पैदल…पीठ पर दिव्यांग पति, हरिद्वार में पत्नी की अद्भुत कांवड़ यात्रा – Khabar Uttarakhand

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हरिद्वार से एक ऐसा मामला सामने आ रहा है जिसे सुनकर आपकी भी आंखे नम हो जाएंगी। यहां पर एक महिला अपने दिव्यांग पति को पीठ पर बैठाकर पैदल चलकर हरिद्वार पहुंची। महिला 180 किलोमीटर पैदल चलकर गंगाजल लेने पहुंची है। इसी साल नहीं महिला लगातार दूसरे साल अपने पति सचिन को पीठ में बैठाकर गंगाजल लेने का संकल्प पूरा करने आई।

पीठ पर दिव्यांग पति के साथ 180KM पैदल चलकर हरिद्वार पहुंची महिला

दरअसल महिला यूपी के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर की रहने वाली है। हरकी पौड़ी से गंगाजल भरने के बाद वो अपने पति को लेकर कनखल के दक्षेश्वर महादेव मंदिर भी लेकर पहुंची। जहां दंपती ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। अब वो मोदीनगर लौटकर अपने धाम में अंतिम जलाभिषेक के साथ कांवड़ यात्रा को पूरा करेंगे।

हर साल कांवड़ यात्रा पर आते थे सचिन

बता दें कि पहले हर साल सचिन कांवड़ यात्रा पर जाते थे। लेकिन 12 साल पहले रीढ़ की हड्डी में एक गंभीर चोट की वजह से वो दिव्यांग हो गए। सर्जरी के बाद भी वो चलने -फिरने में असमर्थ थे। इसके बावजूद सचिन के मन में भगवान शिव के लिए आस्था और कांवड़ यात्रा की इच्छा खत्म नहीं हुई।

पत्नी ने लिया पती का संकल्प

बीते साल 2025 में सचिन ने कांवड़ लाने की इच्छा जताई। पत्नी आशा ने भी पति ने इस सपने को पूरा करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपनी पति को कभी बोझ नहीं माना। ऐसे में उन्हें पीठ पर उठाकर 180 किलोमीटर की कठिन पैदल कांवड़ यात्रा पूरी कराई।

लगातार दूसरे साल पति को पीठ में बैठाकर हरिद्वार पहुंची आशा

लगातार दूसरी बार यानी इस साल भई आशा अपने पति को पीठ में बैठाकर हरिद्वार पहुंची हैं। तो वहीं दोनों के दो बच्चे भी साथ में पैदल चल रहे हैं। 180 किलोमीटर की इस यात्रा में मौसम की चुनौतियां और थकान भी पत्नी को दृढ़ संकल्प को डिगा नहीं सकी।

रील बनाइए, लेकिन सम्मान के साथ

आशा ने कहा कि आजकर सोशल मीडिया पर पत्नियां तरह-तरह की रील्स बनाती है। वो गलत नहीं है लेकिनि उसमें अपने पति और परिवार का सम्मान भी दिखना चाहिए। कुछ की वजह से सभी महिलाओं को गलत नजर से देखा जाता है। उन्होंने कहा कि पति, पत्नी और बच्चों के साथ प्रेम और सम्मान से परिवार चलाने में भी सबसे बड़ी खुशी है।