गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED की रेड, रियल एस्टेट मामले में ₹248 करोड़ का आरोप

गुरुग्राम
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हरियाणा के पूर्व राज्य मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी की है। जांच एजेंसी गुरुग्राम स्थित वाटिका लिमिटेड द्वारा किए गए बड़े पैमाने पर रियल एस्टेट में हुई हेराफेरी की जांच कर रही है। इस मामले में निवेशकों को कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में निवेश करने के लिए लुभाया गया था। उन्हें समय पर कब्जा, पक्का रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड पूरा करने का भरोसा दिया गया था। जांच के दायरे में आए चार प्रोजेक्ट्स में 661 निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ जमा किए गए, लेकिन आज तक न तो कब्जा दिया गया और न ही सेल डीड पूरी की गई।

इसी मामले में ईडी ने पीएमएलए की धारा 17 के तहत गुरुग्राम में गोपाल कांडा से जुड़ी तीन जगहों पर छापेमारी की है। इनमें उनका घर, फार्महाउस और ऑफिस शामिल है। आरोप है कि डायवर्ट किए गए फंड को बाद में गोपाल कांडा से जुड़ी अलग-अलग कंपनियों में ट्रांसफर कर दिया गया था।

यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी सिरसा से पूर्व विधायक के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी हुई थी। अगस्त 2023 में ईडी की टीमों ने 21 घंटे तक उनकी संपत्तियों के दस्तावेज खंगाले थे। ईडी के अधिकारियों ने सिविल लाइन स्थित उनके घर और एमडीएलआर एयरलाइंस के कार्यालय में एक साथ कार्रवाई शुरू की थी।

कौन हैं गोपाल कांडा?
आपको बता दें कि गोपाला कांडा का सिरसा जिले में काफी प्रभाव है। 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के गोकुल सेतिया ने उन्हें हराया था। मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) कैंडिडेट ने अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद भी वह चुनाव हार गए थे।

गोपाल कांडा पहले भी कई मामलों में फंस चुके
गोपाल कांडा पहली बार तब सुर्खियों में आए थे जब 2012 में पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा की आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में उनका नाम सामने आया था। उस समय वह 23 साल की थीं। कांडा को दिल्ली पुलिस ने इस मामले गिरफ्तार किया था, लेकिन 2023 में एक अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया था।

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