खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान के बाद उत्तराखंड की सियासत में भूचाल आ गया है। इस मुद्दे पर अब पूर्व प्रत्याशी और जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष रविंद्र सिंह पनियाला ने एक तीखा वीडियो जारी कर बड़ा हमला बोला है। पनियाला ने उमेश कुमार के इस्तीफे को सीधा ‘सस्पेंड होने से बचने का राजनीतिक ड्रामा’ करार दिया है। बता दें किउमेश कुमार ने गैरसैंण विधानसभा सत्रके दौरान विपक्षी कांग्रेस पर उनकासाथ न देने का आरोप लगाते हुए विधानसभासे इस्तीफे का ऐलान किया था। उमेश कुमार की 2026 में कांग्रेस की हरीश रावत की सरकार गिराने में भूमिका रही है।
कहा,सरकार के रहमो-करम पर ही विधायक बने रहे
वीडियो जारी करते हुए रविंद्र पनियाला ने तंज कसा और कहा कि वे अभी जिंदा हैं और मैदान में डटे हैं। पनियाला ने दावा किया कि उमेश कुमार पिछले चार साल से केवल सरकार के रहमो-करम पर ही विधायक बने रहे। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने मई 2022 में ही संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल कानून के तहत विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पुख्ता सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। पनियाला के मुताबिक, एक निर्दलीय विधायक के रूप में चुनाव जीतने के बाद उमेश कुमार ने अपनी अलग पार्टी बना ली थी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बन गए थे। कानून के हिसाब से यह सीधे तौर पर विधायकी समाप्त होने का ठोस आधार बनता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की अपनी मजबूरियां थीं, इसलिए चार साल तक उनका इस्तेमाल किया गया। लेकिन अब जब उनकी शिकायत पर सारे तथ्य और सबूत सही साबित हो चुके हैं और विधानसभा अध्यक्ष के लिए उन्हें पद से हटाना अनिवार्य हो गया था, तो सस्पेंड होने से ठीक पहले यह इस्तीफा देने का नया नाटक रचा गया है।
किसानों और जनता के मुद्दों पर उमेश कुमार को घेरा
किसानों और जनता के मुद्दों पर उमेश कुमार को घेरते हुए पनियाला ने कहा कि विधायक अब 120 करोड़ रुपये के बकाया और 2023 के बाढ़ मुआवजे की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं, जबकि पिछले पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने इसके लिए कोई ठोस आंदोलन तक नहीं किया। उन्होंने अपने पुराने कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि साल 2010 में लक्सर क्षेत्र में आई भयंकर बाढ़ के दौरान उन्होंने जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन रहते हुए सीधे 13.82 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में पहुंचवाए थे। इसके अलावा, उन्होंने क्षेत्र में बिजली बिलों में बड़े पैमाने पर घोटाले का भी गंभीर आरोप लगाया। पनियाला ने कहा कि जनता से 3.5 किलोवाट के घरेलू कनेक्शन पर सिक्योरिटी के नाम पर 20 से 25 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं, लेकिन इस पर विधायक ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है।
थोड़ी भी नैतिकता होती, तो 2022 में ही इस्तीफा दे देते
पनियाला ने दो टूक शब्दों में कहा कि जनता ने उन्हें पूरे पांच साल का जनादेश दिया था, न कि बीच रास्ते से मैदान छोड़कर भागने के लिए। उन्होंने चुनौती दी कि यदि विधायक में थोड़ी भी नैतिकता होती, तो वे साल 2022 में ही इस्तीफा देकर दोबारा जनता के बीच मैदान में आते, तब पता चल जाता कि कौन पानी में है। उन्होंने इसे कायरता बताते हुए कहा कि अब कार्यकाल के सिर्फ दो महीने बचे हैं, इसलिए भागने के बजाय उसे पूरा करना चाहिए। अबकी बार जनता के बीच आर-पार की सीधी लड़ाई होगी। अंत में पनियाला ने खानपुर की जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे ड्रामों से सावधान रहें और सही प्रतिनिधि चुनें।
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