कैंची धाम में पर्यावरण नियमों की अनदेखी पर PCB सख्त, 3 होटलों को नोटिस

नैनीताल में तेजी से बढ़ते पर्यटन और निर्माण के बीच पर्यावरणीय मानकों की अनदेखी को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) ने सख्त रुख अपनाया है। खास तौर पर कैंची धाम और भवाली क्षेत्र में होटल-रेस्टोरेंट संचालकों की ओर से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का मामला सामने आया है। संयुक्त सर्वे के बाद PCB ने कैंची धाम-भवाली क्षेत्र के तीन होटल संचालकों समेत जिले के कुल 12 होटल, रेस्टोरेंट और फ्लैट संचालकों को नोटिस जारी किया है।

कैंची धाम में पर्यावरण नियमों की अनदेखी पर PCB सख्त

कैंची धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने के साथ क्षेत्र में होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसे में सीवेज और गंदे पानी के उचित निस्तारण की व्यवस्था पर्यावरण के लिहाज से अहम मानी जा रही है। इसी को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त सर्वे किया।

कैंची धाम-भवाली के तीन होटलों में नहीं मिली STP व्यवस्था

सर्वे के दौरान कैंची धाम और भवाली क्षेत्र के तीन होटलों में STP की व्यवस्था नहीं मिली। वहीं, कुछ अन्य स्थानों पर STP लगाए तो गए थे, लेकिन वे सुचारू रूप से संचालित नहीं पाए गए। इसके अलावा कई संचालकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनिवार्य लाइसेंस भी नहीं मिला। कैंची धाम जैसे तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन क्षेत्र में इस तरह की अनियमितताएं सामने आने के बाद PCB ने संबंधित संचालकों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर जवाब देने और पर्यावरणीय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

जांच के दायरे में श्यामखेत में छह निर्माणाधीन फ्लैट

संयुक्त सर्वे के दौरान भवाली के श्यामखेत क्षेत्र में निर्माणाधीन छह फ्लैट्स में भी पर्यावरणीय मानकों से जुड़ी कमियां सामने आईं। इसके अलावा रामनगर क्षेत्र के तीन होटलों में भी STP की व्यवस्था नहीं मिली। इन सभी मामलों में संबंधित संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

PCB के क्षेत्रीय प्रबंधक अनुराग नेगी के अनुसार, सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्धारित समय के भीतर जवाब देने और आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो संबंधित संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के साथ ही प्रतिष्ठानों को सील करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।

कैंची धाम में बढ़ते दबाव के बीच पर्यावरणीय निगरानी अहम

कैंची धाम की बढ़ती लोकप्रियता के साथ यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से निकलने वाले सीवेज के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाती है। PCB की हालिया कार्रवाई को इसी दिशा में निगरानी और नियमों के अनुपालन को सख्त करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।

Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News.

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.