तिब्बत में 7.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप

ल्हासा
तिब्बत में रात करीब 8:03 बजे भूकंप आया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से 173 किलोमीटर की गहराई में था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने यह जानकारी दी।

पिछले महीने भी आया था भूकंप
तीन सितंबर को भी तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 मापी गई गई थी। भूकंप के झटके दोपहर करीब 1:46 बजे दर्ज किए गए। भूकंप का केंद्र 31.479 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.370 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई जमीन के अंदर करीब 14 किलोमीटर बताई गई। भूकंप का लोकेशन तिब्बत क्षेत्र में दर्ज किया गया।

पहले ही त्रासदी की मार झेल रहा तिब्बत
26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने के बाद तिब्बत में भूकंप के झटके महसूस हुए थे, वहीं इसके बाद तिब्बत को बाढ़ की मार झेलनी पड़ी है। चीन सीमा से जुड़े इलाके में बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है।

क्यों आते हैं भूकंप?
धरती के भीतर सात प्लेट्स हैं, जो लगातर घूमती रहती हैं। जिस स्थान पर प्लेट्स की टक्कर होती है, उस जगह को फॉल्ट लाइन कहा जाता है। पृथ्वी के अंदर स्थित टेक्टोनिक प्लेटों के खिसकने, आपस में टकराने या रगड़ खाने से ऊर्जा उत्पन्न होती है। जब प्लेटों के टकराने से ज्यादा ऊर्जा निकलती है, तो धरती की सतह पर कंपन पैदा होता है। जिस स्थान पर प्लेट्स टकराती हैं, उस स्थान पर सबसे अधिक भूकंप का असर होता है। लेकिन जब भूकंप की तीव्रता अधिक होती है तो इसके झटके काफी दूर तक महसूस किए जाते हैं।

कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
वैज्ञानिक भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल करते हैं। जब भूकंप आता है, पृथ्वी के नीचे से ऊर्जा तरंगे बाहर आती हैं। उन्हें रिक्टर स्केल से मापा जाता है। इसके बाद ही यह पता लगता है कि भूकंप की तीव्रता कितनी थी और इसका केंद्र कहां पर था।

❌ Content Protection Enabled: Right-click & text copying is disabled on this website.