
राजधानी देहरादून में रन फॉर कारगिल हीरोज मैराथन का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने मैराथन को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा और सीनियर सिटीजन भी नजर आए।
देहरादून में ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन
दरअसल 26 जुलाई 1999 में भारतीय सेवा ने कारगिल में विजय पताका फहराई थी। हर साल 26 जुलाई को देश में विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है। इसी बीच कारगिल विजय दिवस से ठीक एक दिन पहले राजधानी देहरादून में रन का कारगिल हीरोज मैराथन का आयोजन किया गया।
छात्र से लेकर सीनियर सिटीजन इस मैराथन में आए नजर
स्कूल कॉलेज के छात्र से लेकर सीनियर सिटीजन भी बड़ी संख्या में इस मैराथन में नजर आए। वही इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि भारतीय सेवा ने जब भी देश के लिए जरूरत पड़ी है अपना अदम्य में साहस का परिचय दिया है। देश के जवानों ने अपना बलिदान देकर देश की रक्षा की है।
कारगिल युद्ध विश्व के इतिहास में सबसे चुनौतीपूर्ण
नई पीढ़ी में जोश भरने और युवाओं को राष्ट्र के प्रति जागरूक करने के लिए इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन बेहदजरूरी है। कार्यक्रम में मौजूद सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कारगिल का युद्ध विश्व के इतिहास में सबसे चुनौती पूर्ण युद्ध है।
पाकिस्तान ने धोखे की नीयत से विपरीत मौसम में भारत की ऊंची चोटियों पर अपना कब्जा किया। लेकिन भारतीय सेवा ने अपनी वीरता और साहस से दुश्मन को अन चोटियों से मार भगाया। कारगिल विजय दिवस पूरे विश्व को भारतीय सेवा की वीरता से परिचय करने वाला दिन है।







