
उत्तराखंड का नाम एक बार फिर दुनिया के मंच पर रोशन हो गया है। उत्तराखंड के बेटे ने एक ऐसा मुकाम हासिल कर लिया है जिसपर आज हर उत्तराखंडी को गर्व होगा। चकराता के रहने वाले 10TH स्टेंडर्ड के स्टूडेंट लकी रावत उस ऐतिहासिक अभियान का हिस्सा बन गए हैं जहां पहुंचना ही दुनिया के चुनिंदा लोगों को नसीब हो पाता है।
उत्तराखंड का बेटा जाएगा दुनिया के सबसे उत्तरी छोर
दरअसल लकी रावत को अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं शैक्षिक अभियान ‘आइस ब्रेकर ऑफ नॉलेज’ के लिए चुना गया है। सेपियंस स्कूल के लकी रावत ने अपना लोहा मनवाया मनवाकर ‘आइस ब्रेकर ऑफ नॉलेज’ अभीयान में अपनी जगह बनाई है। बता दें की इस अभीयान के लिए हर देश से सिर्फ एक ही स्टूडेंट को चुना गया है जिसमें भारत से उत्तराखंड के लकी रावत ने राज्य का मान बढ़ाते हुए अपनी जगह बनाई है।
दस दिन का ये खास अभियान, भारत से इकलौता प्रतिनिधि
दस दिन का ये खास अभियान रूस के मुरमान्स्क से शुरू हुआ है। इस दौरान सभी प्रतिभागी न्यूक्लियर आइसब्रेकर जहाज ’50 लेट पोबेडी’ पर सवार होकर 90 डिग्री उत्तरी अक्षांश यानी नॉर्थ पोल तक की ऐतिहासिक यात्रा करेंगे।
बेहद दुर्लभ अभियानों में शामिल
ये दुनिया के उन बेहद दुर्लभ अभियानों में शामिल है। जहां पहुंचने का अवसर बहुत कम लोगों को मिलता है। पहाड़ों की गोद में पला एक छात्र, अब दुनिया के सबसे ठंडे गंतव्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। लकी रावत ने साबित कर दिया है कि सीमाएं सिर्फ मन की होती हैं। हिम्मत और लगन से कोई भी ऊंचाई छूई जा सकती है। ये उत्तराखंड के लिए और हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।







