UKSSSC नकल प्रकरण पर सीएम धामी का ऐलान, ज़रूरत पड़ी तो CBI जांच से भी परहेज नहीं

  • जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक उत्तराखंड के एक-एक छात्र को न्याय दिलाना मेरा संकल्प- सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 21 सितम्बर को हुई स्नातक स्तरीय परीक्षा नकल प्रकरण में फंस गई है। इस मामले को लेकर युवाओं का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे लगातार सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।

रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस प्रकरण में किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। SIT गठित कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता और मीडिया जगत इस बात के साक्षी हैं कि हमारी सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया और 100 से अधिक नकल माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा। बीते चार सालों में 25,000 से अधिक युवाओं को योग्यता व प्रतिभा के आधार पर सरकारी नौकरी दी गई है, जो पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हुईं।”

सीएम धामी ने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उनकी सरकार छात्रों के हित में निर्णय लेने के लिए एक प्रतिशत भी पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा, “जब तक मैं जीवित हूँ, तब तक उत्तराखंड के एक-एक छात्र को न्याय दिलाना मेरा संकल्प है। आने वाली परीक्षाओं में नकल कराने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अगले एक वर्ष में 10,000 नई नियुक्तियाँ की जानी हैं और इनका कैलेंडर जारी किया जा चुका है। सभी नियुक्तियाँ पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जाएँगी।

सीबीआई जांच के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “अभी SIT जांच कर रही है, पहले उसे पूरा होने दिया जाए। हमें किसी भी जांच से परहेज नहीं है। छात्रों के हित में जो भी जरूरी होगा, हम करेंगे। CBI जांच से भी कोई परहेज नहीं है।”

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