
नैनीताल के रामनगर के कैप्टन अजय पंत की मुशकिलें अब और बढ़ गई हैं। ब्रिटेन के कोर्ट ने कैप्टन अजय पंत की जमानत याचिका दोबारा खारिज कर दी है। अब उन्हें दिसंबर तक जेल में ही रहना होगा।
उत्तराखंड के कैप्टन की जमानत खारिज
नैनीताल के कैप्टन अजय पंत के परिवार पर एक बार फिर मुश्किलों के बादल मंडराने लगे हैं। वजह है मीलों दूर ब्रिटेन की जेल, जहां उनका बेटा कैप्टन अजय पंत कैद है। ब्रिटेन के कोर्ट ने कैप्टन अजय को जमानत देने से साफ साफ इंकार कर दिया है। अब कैप्टन अजय के केस की अगली सुनवाई 15 दिसंबर 2026 को होनी है। जिसके बाद अब कैप्टन अजय को ब्रिटेन जेल में ही रातें काटनी पड़ेगी।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल 4 जून को रूस के उस्त लूगा टर्मिनल से एक तेल टैंकर एमवी स्माइर्टोस MV Smyrtos करीब 1 लाख 1 हाजर 400 टन का कच्चा तेल लेकर भारत में गुजरात के सिक्का पोर्ट के लिए रवाना हुआ था। इसकी कमान कैप्टन अजय पंत संभाल रहे थे। इस जहाज का मालिकाना हक हांगकांग की एक कंपनी के पास था। जबकि इसका मैनेजमेंट भारत के तमिलनाडु से चल रहा था।
बिना झंडे के अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में चल रहा था जहाज
ये जहाज जो तेल लेकर आ रहा था, वो ब्रिटेन और पश्चिमी देशों के नियमों के मुताबिक रूस का प्रतिबद्ध तेल था। ये मामला तब और उलझ गया जब जून की शुरुआत में अफ्रीकी देश कैमरून ने इस जहाज को अपनी रजिस्ट्री से हटा दिया। जिसके बाद तकनीकी रूप से ये जहाज स्टेटलेस यानी की बिना किसी देश की पहचान और बिना झंडे के अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में चल रहा था।
ब्रिटेन के राडार पर आया जहाज
बिना झंडे वाला ये जहाज ब्रिटेन के राडार पर आया। 14 जून 2026 को ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय और नेशनल क्राइम एजेंसी ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया। शाम होते-होते कैप्टन अजय पंत को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि जहाज पर मौजूद 24 अन्य भारतीय और जॉर्जियाई क्रू सदस्यों को सुरक्षित रखा गया। इसके बाद कैप्टन अजय पंत को जब साउथेम्पटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया तो उन पर प्रतिबंधित रूसी तेल की सप्लाई करने का आरोप लगा।
पत्नी ने पीएम, सीएम से की भावुक अपील
हालांकि कैप्टन के वकीलों ने कोर्ट में साफ कहा कि अजय पंत केवल कंपनी के एक कर्मचारी हैं। वे तो सिर्फ अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का पालन कर रहे थे। लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील पर ध्यान नहीं दिया। वहीं जब इसकी खबर नैनीताल कैप्टन अजय के परिवार के पास पहुंची तो उनकी पत्नी रितु पंत ने सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से अपने पति को बचाने की भावुक अपील की।
जमानत याचिका पर लगा बड़ा झटका
16 जुलाई को ब्रिटेन में कैप्टन अजय की जमानत याचिका पर दोबारा सुनवाई होनी थी। जिसके लिए उन्हें फिर कोर्ट में वीडियो कॉनफ्रेंसिंग के जरिए जोड़ा गया। कैप्टन अजय पंत की जमानत याचिका पर दोबारा सुनवाई के दौरान उन्हें एक बार फिर बड़ा झटका लगा है क्योंकि ब्रिटिश कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारीज कर दी।
रूस भागने में कर सकता है मदद
ब्रिटिश सरकार के अभियोजक ने कोर्ट में दलील की कि अजय पंत के फरार होने की बड़ी आशंका है और रूस उन्हें भागने में मदद कर सकता है। कोर्ट ने इस आशंका को मानते हुए जमानत खारिज कर दी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब इस मामले का संभावित जूरी ट्रायल सीधे 15 दिसंबर 2026 से शुरू होगा। यानी कैप्टन को अभी एक लंबा वक्त सलाखों के पीछे बिताना होगा।
भारत सरकार कूटनीतिक स्तर पर उठ रहे सवाल
हालांकि वहीं मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक भारत सरकार कूटनीतिक स्तर पर इसे लेकर गंभीर सवाल उठा रही है। भारत के विदेश मंत्रालय ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को जरूरी कानूनी सहायता देने के निर्देश दिए हैं। कूटनीतिक स्तर पर भारत और ब्रिटेन की बात इस मामले में चल रही है। अब देखना ये होगा कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति की इस जंग में फंसा उत्तराखंडी आखिर कब अपने वतन और अपने परिवार के पास वापस लौट पाता है।






