उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव कुछ महीने ही दूर हैं लेकिन आलम यह है कि विधायक निधि खर्च करने में उधमसिंह नगर जिले के नौ विधायकों में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य़ सबसे फिसड्डी साबित हुए हैं। जबकि कांग्रेस के ही नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा 74 प्रतिशत खर्च के साथ जिले में सबसे ऊपर हैं। विधायक निधि के 2022 से जून 2026 तक के इन आंकड़ों के मुताबिक जिले के सभी विधायकों का विधायक निधि का औसत खर्च 68 प्रतिशत प्रतिशत है।
विधायक निधि खर्च में कंजूसी में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य अव्वल
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने उत्तराखंड के आयुक्त ग्राम विकास कार्यालय के लोक सूचनाधिकारी से मौजूदा विधायकों के विधायक निधि के खर्च की सूचना मांगी थी। लोक सूचना अधिकारी यानी उपायुक्त प्रशासन ग्राम्य विकास हेमंती गुंजियाल की ओर से 2022 से जून 2026 का जो ब्योरा मिला है। उसके मुताबिक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस के बाजपुर विधायक यशपाल आर्य निधि खर्च के मामले में जिले में सबसे पीछे रहे।
यशपाल आर्य ने मात्र 55 प्रतिशत विधायक निधि खर्च की है। आर्य ने 1556.32 लाख के 484 प्रस्ताव दिए, जिनमें से 480 कार्य स्वीकृत हुए। कार्यदायी संस्थाओं को 1303.13 लाख रुपये अवमुक्त हुए, जिनमें से 1303.11 लाख रुपये खर्च हुए। प्रशासनिक व्यय मिलाकर कुल 1316.39 लाख रुपये व्यय किए गए। स्वीकृत कार्यों में 385 सामान्य, 73 एससी तथा 22 एसटी वर्ग के हैं। इनमें से 429 कार्य पूर्ण हुए हैं तथा जिले में सबसे अधिक 51 कार्य अभी भी प्रगति पर हैं।
आर्य के बाद कंजूसी में BJP विधायक शिव अरोड़ा का नंबर
रुद्रपुर से भाजपा विधायक शिव अरोड़ा 67 प्रतिशत खर्च के साथ आठवें स्थान पर रहे। उन्होंने 1796.55 लाख रुपये के 454 प्रस्ताव भेजे, जिनमें 450 कार्य (1792.41 लाख रुपये) स्वीकृत हुए। अवमुक्त 1579.03 लाख रुपये के साथ कुल व्यय 1592.31 लाख रुपये रहा। इनमें 352 सामान्य, 71 एससी तथा 27 एसटी के कार्य शामिल थे। 430 कार्य पूरे और 20 कार्य प्रगति पर हैं।
नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा सबसे ऊपर
जिले में सर्वाधिक 74 प्रतिशत विधायक निधि खर्च करने का रिकॉर्ड नानकमत्ता से कांग्रेस विधायक गोपाल सिंह राणा के नाम रहा है। उन्होंने 1837.19 लाख रुपये की लागत से 555 विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजे थे, जिन्हें प्रशासनिक स्वीकृति मिली। कार्यदायी संस्थाओं को अवमुक्त 1741.08 लाख रुपये पूरी तरह खर्च हुए। 13.28 लाख रुपये प्रशासनिक व्यय समेत कुल 1754.36 लाख रुपये व्यय किए गए। स्वीकृत 555 कार्यों में 377 सामान्य वर्ग, 22 अनुसूचित जाति तथा 156 अनुसूचित जनजाति के थे। इनमें से 542 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और 13 पर कार्य जारी है।
मंत्री व भाजपा के सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा दूसरे पायदान पर
कैबिनेट मंत्री व भाजपा के सितारगंज विधायक सौरभ बहुगुणा 72 प्रतिशत खर्च के साथ दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने 1824.57 लाख के 512 प्रस्ताव भेजे, जिनमें से 511 प्रस्ताव (1822.67 लाख रुपये) स्वीकृत हुए। 1695.07 लाख रुपये अवमुक्त व खर्च हुए, जबकि कुल व्यय 1708.35 लाख रुपये रहा। इनमें 353 सामान्य, 117 SC और 41 एसटी वर्ग के कार्य शामिल थे। 484 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 27 प्रगति पर हैं।
तीसरे स्थान पर काशीपुर से BJP विधायक त्रिलोक सिंह चीमा
तीसरे स्थान पर काशीपुर से भाजपा विधायक त्रिलोक सिंह चीमा रहे, जिन्होंने अपनी 71 प्रतिशत विधायक निधि (1682.44 लाख रुपये) खर्च की। उन्होंने 1804.49 लाख रुपये के 141 कार्यों के प्रस्ताव भेजे, जो सभी स्वीकृत हुए। अवमुक्त 1669.16 लाख रुपये शत-प्रतिशत खर्च हुए। स्वीकृत कार्यों में 111 सामान्य तथा 30 एससी वर्ग के थे (एसटी का कोई कार्य नहीं)। 120 कार्य पूरे हो चुके हैं और 21 कार्य जारी हैं।
चौथे स्थान पर अरविंद पाण्डे
पूर्व मंत्री व गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पाण्डे 70 प्रतिशत खर्च के साथ चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने 1837.54 लाख रुपये के 351 प्रस्ताव भेजे और सभी स्वीकृत हुए। कुल 1668.54 लाख रुपये खर्च किए गए (1655.26 लाख अवमुक्त)। स्वीकृत कार्यों में 267 सामान्य, 47 एससी और 37 एसटी श्रेणी के थे, जिनमें से 340 कार्य संपन्न हो चुके हैं और 11 प्रक्रियाधीन हैं।
पांचवें स्थान पर तिलकराज बेहड़
किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ 69.12 प्रतिशत खर्च कर पांचवें स्थान पर रहे। उन्होंने 451 प्रस्ताव (1831.67 लाख रुपये) दिए, जिनमें से 438 प्रस्ताव (1786.32 लाख रुपये) स्वीकृत हुए। 1628.44 लाख रुपये की अवमुक्त राशि खर्च हुई और कुल व्यय 1641.72 लाख रुपये रहा। स्वीकृत कार्यों में 322 सामान्य तथा 116 एससी वर्ग के हैं। इनमें 403 काम पूरे और 35 प्रगति पर हैं।
छठे पायदान पर भुवन कापड़ी
कांग्रेस विधानमंडल दल के उपनेता भुवन चन्द्र कापड़ी 68.12 प्रतिशत निधि खर्च कर छठे पायदान पर रहे। कापड़ी ने सर्वाधिक 838 कार्यों के प्रस्ताव (1836.76 लाख रुपये) भेजे, जिनमें से 814 कार्य स्वीकृत हुए। 1614.93 लाख अवमुक्त राशि खर्च के बाद कुल व्यय 1628.21 लाख रुपये रहा। स्वीकृत कार्यों में 476 सामान्य, 173 एससी और 165 एसटी के थे। 781 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 33 कार्य चल रहे हैं।
सातवें स्थान पर कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान
जसपुर से कांग्रेस विधायक आदेश सिंह चौहान 67.12 प्रतिशत खर्च के साथ सातवें स्थान पर रहे। उन्होंने 1726.18 लाख के 251 प्रस्ताव दिए, जिनमें से 250 कार्य स्वीकृत हुए। कुल खर्च 1594.13 लाख रुपये हुआ। इनमें 192 सामान्य और 58 एससी वर्ग के काम शामिल थे। 228 कार्य पूरे हो चुके हैं और 22 प्रगति पर हैं।
ऊधमसिंह नगर में 67.89 करोड़ विधायक निधि खर्च होने को शेष
कुल मिलाकर ऊधमसिंह नगर जिले की विधायक निधि का हाल देखें तो प्रति विधायक 23.75 करोड़ रुपये की दर से उधमसिंह नगर जिले के वर्तमान विधायकों को 213.75 करोड़ रूपये की विधायक निधि आवंटित हुई हैं जिसमें से 68 प्रतिशत 145.86 करोड़ रूपये की विधायक निधि जून 2026 तक खर्च हुई है तथा 67.89 करोड़ की विधायक निधि खर्च होने को शेष हैं। विधायक निधि का यह हाल देखकर लगता है कि विधायक चुनाव से ऐन पहले विधायक निधि के इस्तेमाल के पक्ष में होंगे ताकि चुनाव से पहले लोगों को जमीन पर काम होता दिखाई दे।
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