भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 137वीं जयंती मनाई जा रही है धूमधाम से लोगों ने किया नमन

Uttarakhand

महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री पूर्व गृहमंत्री रत्न पं.गोविन्द बल्लभ पंत की जयंती पूरे प्रदेश में आज धूमधाम से मनाई जा रही है जगह-जगह शारदा सुमन अर्पित कर उनको याद किया जा रहा है हल्द्वानी के तिकुनिया स्थित पंत पार्क में पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती धूमधाम से मनाई गई जहां तिथि के तौर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्तमान सांसद अजय भट्ट ने माल्यार्पण कर उनको श्रद्धा सुमन अर्पित किया. इस दौरान अजय भट्ट ने पं. गोविन्द बल्लभ पंत महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देशभक्त, समाजसेवी तथा कुशल प्रशासक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. पंत ने देश को नई दिशा देने के साथ ही कुली बेगारी प्रथा तथा जमींदारी उन्मूलन के लिए निर्णायक संघर्ष कर समाज में व्याप्त इन बुराइयों को मिटाने में अहम भूमिका निभाई इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट ने ने याद करते हुए कहा कि आज के युवाओं को उनके जीवन परिचय से सीख लेनी चाहिये. उन्होंने कहा कि यह हम सब का सौभाग्य है कि वे हमारे राज्य में जन्मे थे. देश की आजादी में पंडित गोविंद बल्लभ पंत का बड़ा योगदान रहा और कुशल राजनीतिज्ञ होने के चलते उनको भारत रत्न से सम्मानित किया गया जो उत्तराखंड के साथ-साथ पूरे देश के लिए गौरव का विषय है बता दें कि गोविंद बल्लभ पंत का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के खूंट गांव में 10 सितंबर 1887 को हुआ था. इनकी मां का नाम गोविंदी देवी और पिता का नाम मनोरथ पंथ था. बचपन में पिता की मौत हो जाने के बाद उनकी परवरिश उनके नाना बद्री दत्त जोशी ने की गोविंद बल्लभ पंत को 1937 से 1939 तक ब्रिटिश भारत में संयुक्त प्रांत के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार दिया गया. संयुक्त प्रांत में 1946 के चुनाव में कांग्रेस ने बहुमत हासिल किया और उन्हें दोबारा मुख्यमंत्री बनाया गया जिसके बाद गोविंद बल्लभ पंत 1946 से 1949 तक संयुक्त प्रांत (उत्तर प्रदेश) के सीएम रहे. इसके बाद गोविंद बल्लभ पंत 1955 से 1968 तक गृह मंत्री भी रहे और 1971 में उनका निधन हो गया वहीं भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जयंती के मुख्य संयोजक गोपाल रावत ने बताया कि भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की जयंती आज पूरे देश में धूमधाम से मनाई जा रही है.

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