CS ने सचिवालय में शान से लहराया तिरंगा, गिनाईं उत्तराखंड की उपलब्धियां और चुनौतियां – Khabar Uttarakhand

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सचिवालय परिसर में मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने ध्वजारोहण किया। उन्होंने इस पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

संप्रभु राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है भारत: CS

मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान को स्मरण करने का दिन है, जिनके संघर्ष से आज भारत एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और संप्रभु राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। स्वतंत्रता हमें विरासत में मिली है, लेकिन राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है।

25 वर्ष के उत्तराखंड में उपलब्धियों के साथ चुनौतियों पर भी ध्यान जरूरी

सीएस ने कहा कि उत्तराखंड की 25 सालों की यात्रा आत्मावलोकन और भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। राज्य का गठन केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं था, बल्कि इसके पीछे पर्वतीय क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों और विकास की आकांक्षाओं का लंबा संघर्ष रहा है।

सीएस ने कहा कि इन 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, पर्यटन, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इसके बावजूद पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन, रोजगार के पर्याप्त अवसरों का सृजन, दूरस्थ क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा की पहुंच, आपदा जोखिम को कम करना, जल स्रोतों का संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी की रक्षा जैसी चुनौतियों पर निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है।

विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखंड का लक्ष्य

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सफलता में उत्तराखण्ड की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारा लक्ष्य ‘विकसित भारत के साथ विकसित उत्तराखण्ड’ होना चाहिए। सीएस ने कहा कि विकसित उत्तराखंड का अर्थ केवल बड़े शहरों और बड़ी परियोजनाओं से नहीं है।

सीएस ने कहा विकसित उत्तराखंड वह होगा, जहां पहाड़ का युवा अपने गांव में रहकर सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर सके, महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों, प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। गांव सड़क, इंटरनेट और आधुनिक सुविधाओं से जुड़े हों तथा विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक बनें।

सुशासन और परिणाम आधारित प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्य सचिव ने कहा कि सचिवालय राज्य शासन का मस्तिष्क है और यहां लिए गए प्रत्येक निर्णय का प्रभाव प्रदेश के गांव-गांव और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचता है। इसलिए प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि सरकार का प्रत्येक निर्णय नागरिक के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाए। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि प्रशासन को केवल योजनाओं और फाइलों तक सीमित न रखते हुए ‘फाइल डिस्पोजल’ से आगे ‘आउटकम डिलीवरी’ की ओर ले जाना होगा।

सीएस ने कहा प्रशासन की सफलता इस बात से तय होगी कि सरकारी निर्णयों और योजनाओं से लोगों के जीवन में कितना वास्तविक सुधार आया। उन्होंने ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की भावना के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस, डाटा एनालिटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से प्रशासन को अधिक तेज, पारदर्शी, संवेदनशील और नागरिक-केंद्रित बनाया जाना चाहिए।

खुद को केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि लोक सेवक मानें: CS

मुख्य सचिव ने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे खुद को केवल सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि लोक सेवक मानें। उन्होंने कहा कि उनके पास जो अधिकार हैं, वे व्यक्तिगत अधिकार नहीं बल्कि जनता द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारियां हैं। कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को केवल एक केस या फाइल के रूप में नहीं, बल्कि उसकी आशाओं, अपेक्षाओं और परिवार से जुड़े व्यक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए।