उत्तराखंड के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे डीएलएड (D.El.Ed.) प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए एक बेहद अच्छी खबर सामने आ रही है। राज्य के प्राथमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश में नयी शिक्षक भर्ती की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
विभाग की ओर से जारी एक नए सरकारी आदेश के बाद बेरोजगार शिक्षकों और डीएलएड अभ्यर्थियों में उम्मीद जग गई है। बता दें कि उत्तराखंड के पहाड़ी और दूरस्थ इलाकों के कई प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की भारी कमी है। कई स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। ऐसे में विभाग द्वारा खाली पदों और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की जानकारी जुटाने का सीधा मतलब यह निकाला जा रहा है कि सरकार जल्द ही प्राथमिक शिक्षकों के नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
विभाग ने शुरू की खाली पदों की गिनती
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, उत्तराखंड (देहरादून) के उप निदेशक डॉ. सुरेन्द्र सिंह नेगी द्वारा राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (प्राथमिक शिक्षा) को एक महत्वपूर्ण पत्र जारी किया गया है। पत्र के जरिए सभी जिलों से प्राथमिक विद्यालयों में खाली पड़े सहायक अध्यापक (प्राथमिक) के पदों की पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।
शिक्षा विभाग ने कहा है कि एकल शिक्षक वाले विद्यालय यानी राज्य के ऐसे सरकारी प्राथमिक स्कूल जहां केवल एक ही शिक्षक (Single Teacher) के भरोसे पढ़ाई चल रही है, उनकी पूरी सूची तैयार की जा रही है। मार्च 2027 तक खाली होने वाले पद के बारे में भी जानकारी मांगी गई है। आगामी वर्ष मार्च 2027 तक सेवानिवृत्ति या अन्य कारणों से खाली होने वाले संभावित पदों का भी आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएलएड संघ की कोशिशों से मिली कामयाबी
बताया जा रहा है कि डी.एल.एड. प्रशिक्षित बेरोजगार संघ ने 07 सितंबर 2026 को शिक्षा विभाग को अपना ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने मांग की थी कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में रिक्त पड़े पदों को भरा जाए और एकल शिक्षक वाले स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की जाए। इस प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेते हुए महानिदेशालय ने 18 सितंबर 2026 को निर्देश जारी किए, जिसके आधार पर अब निदेशालय ने सभी जिलों से निर्धारित प्रारूप में 30 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार विवरण जमा करने को कहा है।
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