
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जाने के बाद रामलीला मैदान का शुद्धिकरण मामला अब तूल पकड़ने लगा है। मामले के आज संसद में गर्माने के बाद जेपी नड्डा ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए है। वहीं दूसरी तरफ पार्टी ने भी अपने दलित नेताओं को मोर्चे पर लगा दिया है ताकि वो डैमेज कंट्रोल कर सके।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के बयान पर अजय टम्टा ने दी प्रतिक्रिया
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा उठाये हल्द्वानी कथित शुद्धिकरण मामले पर उत्तराखंड नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि भाजपा किसी भी ऐसी गतिविधि का समर्थन नहीं करती है। भाजपा की विचारधारा पंच निष्ठाओं पर आधारित है, जिसमें सामाजिक समरसता और संविधान के प्रति निष्ठा का अहम स्थान है। टम्टा ने कहा भाजपा कभी भी जाति, पंथ और वर्ग के आधार पर समाज को बांटने के बजाय सभी को साथ लेकर चलने और राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करने में विश्वास रखती है।
शुद्धीकरण यज्ञ से पार्टी का कोई संबंध नहीं है: टम्टा
टम्टा ने कहा कि भाजपा यह पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि हल्द्वानी में हुए शुद्धीकरण यज्ञ से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। ऐसे में कोग्रेस को बताना चाहिए कि बिना किसी तथ्यात्मक आधार के इस घटना को भाजपा से जोड़ने का झूठ संसद के पटल से क्यों किया जा रहा है। शुद्धीकरण यज्ञ को जातिवाद से जोड़ना कांग्रेस का भ्रामक और राजनीतिक रूप से प्रेरित नैरेटिव है। किसी स्थानीय घटना को राजनीतिक लाभ के लिए जातीय विवाद का रूप देना समाज के हित में नहीं है।
सामाजिक घटनाओं को राजनीतिक विवाद का रूप दे रही कांग्रेस
टम्टा ने कहा कि कांग्रेस को हर मुद्दे को जाति के चश्मे से देखना बंद करना चाहिए। राजनीतिक विरोध के नाम पर समाज में अविश्वास और विभाजन पैदा करने की कोशिश उत्तराखंड की सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपरा के विरुद्ध है। तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति के लिए कांग्रेस धार्मिक एवं सामाजिक घटनाओं को भी राजनीतिक विवाद का रूप दे रही है। कांग्रेस को ऐसी राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश की एकता, शांति और सामाजिक सौहार्द की चिंता करनी चाहिए।
खरगे के आरोपों को बताया सफेद झूठ: मंत्री
वहीं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के आरोपों को सफेद झूठ बताते हुए, देवभूमि को बांटने वाली राजनीति से प्रेरित बताया है। उन्होंने कहा, हल्द्वानी घटनाक्रम को लेकर उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर संसद में देवभूमि की छवि खराब करने का प्रयास किया है। जबकि वे भी सच जानते हैं कि अपनी फ्लॉप रैली, कांग्रेस नेताओं की अराजकता और धर्म विशेष के नारों से हो रही फजीहत से ध्यान भटकाने के लिए यब सब प्रपंच रचा जा रहा है।







