आज भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) CPIM देहरादून की ओर से गांधी पार्क में दुष्यंत गौतम और भाजपा सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में उत्तराखंड महिला मंच, CPI(ML), CITU, SFI सहित विभिन्न जनवादी संगठनों एवं राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्य आरोपी दुष्यंत गोतम की गिरफ्तारी की मांग की l अंकिता के माता-पिता को न्याय दिलाने तथा दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई।
माकपा ने फूंका दुष्यंत गौतम और भाजपा सरकार का पुतला
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। लंबे समय से अंकिता के परिवार और न्याय की मांग कर रहे लोग इस मामले में जुड़े सभी सवालों के निष्पक्ष जवाब चाहते हैं। अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। दिल्ली में धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना की भी प्रदर्शनकारियों ने निंदा की।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका से जुड़े सवाल
संयुक्त संघर्ष मंच की ओर से राष्ट्रपति को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका से जुड़े सवाल गंभीर हैं। इस मामले में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जाँच कर सभी तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए, ताकि दोषियों की जवाबदेही तय हो और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए मांग की कि मामले से संबंधित आरोपों एवं तथ्यों को गंभीरता से लिया जाए और उनकी नियुक्ति रद्द की जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी गंभीर मामले में उठ रहे सवालों का निष्पक्ष जांच के माध्यम से समाधान किया जाना चाहिए।
निष्पक्ष समाधान होने तक जारी रहेगा संघर्ष
वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, कानून के शासन और लोकतंत्र में जनता के विश्वास का सवाल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंकिता को न्याय मिलने और मामले से जुड़े सवालों का निष्पक्ष समाधान होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
क्या है प्रमुख मांगें?
- अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका
- मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जाँच कर निष्कर्ष कानून के दायरे में सार्वजनिक किए जाएँ।
- दुष्यंत गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति रद्द की जाए।
- अंकिता भंडारी के माता-पिता को न्याय दिलाया जाए तथा उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई की जाए।
- हत्याकांड से जुड़े अनुत्तरित सवालों का निष्पक्ष जाँच के माध्यम से समाधान किया जाए।
- प्रदर्शन में शामिल सभी संगठनों ने एकजुट होकर अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग दोहराई और कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं न्याय के लिए संयुक्त संघर्ष जारी रहेगा।
Khabar Uttarakhand – Uttarakhand News.








